वजू (Wudu) नमाज और इबादत के लिए पाक साफ होने का एक खास तरीका है। इस्लाम में इसकी बहुत अहमियत है। यहाँ वजू करने का पूरा तरीका तफ़्सील (विस्तार) से बताया गया है:
वजू की नीयत और शुरुआत
सबसे पहले अपने दिल में वजू की नीयत करें (यानी यह इरादा कि मैं पाकी हासिल करने के लिए वजू कर रहा हूँ)। इसके बाद "बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम" पढ़कर शुरुआत करें।
वजू के स्टेप्स (तरीका)
* हाथ धोना: सबसे पहले दोनों हाथों को कलाइयों (Wrists) तक तीन बार धोएं। उंगलियों के बीच में भी पानी पहुँचाएं (खिलाल करें)।
* कुल्ली करना: दाहिने हाथ में पानी लेकर तीन बार कुल्ली करें और अच्छी तरह मुँह साफ करें।
* नाक में पानी डालना: तीन बार नाक में पानी डालें और बाएं हाथ की छोटी उंगली से नाक साफ करें।
* चेहरा धोना: माथे के बालों से लेकर ठुड्डी (Chin) के नीचे तक और एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक, पूरा चेहरा तीन बार धोएं।
* हाथ धोना (कोहनियों तक): पहले दाहिना हाथ कोहनियों समेत तीन बार धोएं, फिर इसी तरह बायां हाथ कोहनियों समेत तीन बार धोएं।
* मसह करना: हाथों को गीला करके सर का मसह करें। एक बार पूरे सर पर हाथ फेरें, फिर कानों के अंदर और पीछे की तरफ उंगली फेरें।
* पैर धोना: सबसे आखिर में दोनों पैरों को टखनों (Ankle) समेत तीन बार धोएं। शुरुआत दाहिने पैर से करें और उंगलियों के बीच में भी पानी पहुँचाएं।
वजू के 4 फर्ज
वजू में ये चार काम करना बेहद जरूरी है, इनके बिना वजू नहीं होता:
* चेहरा धोना (पेशानी के बालों से ठुड्डी के नीचे तक और एक कान की लौ से दूसरे तक)।
* दोनों हाथ कोहनियों समेत धोना।
* चौथाई सर का मसह करना (यानी सर के कुछ हिस्से पर गीला हाथ फेरना)।
* दोनों पैर टखनों समेत धोना।
वजू के बाद की दुआ
वजू मुकम्मल करने के बाद आसमान की तरफ देखकर कलमा-ए-शहादत पढ़ना बहुत फजीलत वाला काम है:
> "अश-हदु अल्लाइलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीक लहू व अश-हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह"
>
एक जरूरी बात: पानी का इस्तेमाल करते समय फिजूलखर्ची न करें, क्योंकि इस्लाम में पानी बर्बाद करना मना है।
क्या आप वजू को तोड़ने वाली चीजों (नवाकिज़-ए-वजू) के बारे में भी जानना चाहेंगे?

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